पत्थलगांव✍️जितेन्द्र गुप्ता
थाना क्षेत्र के ग्राम पाकरगांव में पोल शिफ्टिंग के दौरान करंट की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत के बाद भड़का आक्रोश देर रात तक जारी रहने मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने शव लेने से इनकार करते हुए सुबह से सिविल अस्पताल के समीप धरना शुरू कर दिया। था धरने में मृतकों के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी शामिल हुए। बाद में कांग्रेस नेताओं ने भी प्रदर्शन को समर्थन देते हुए पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हादसे में दो परिवारों ने अपने सदस्य खोए हैं, ऐसे में उन्हें उचित आर्थिक सहायता के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए।
कांग्रेस पार्टी के पत्थलगांव, कुनकुरी और लैलूंगा के तीन पूर्व विधायको उनके कार्यकर्तावो कुनकुरी के नगरपालिका अध्यक्ष पत्थलगांव नगरपंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं आदिवासी नेता रवि भगत के साथ ग्रामीणों के सड़क में बैठने से सड़क की आवाजाही थम सी गई थी प्रशाशन एवं पुलिस के आला अधिकारी लगातार बात कर समझाने के प्रयास करते रहे थे स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे तथा लगातार प्रदर्शनकारियों और मृतकों के परिजनों से बातचीत करते रहे।

वहीं 3 बार प्रदर्शनकारियों ने सड़क से हट कर आ रहे एंबुलेंस को ससम्मान जाने दिया था
आधी रात तक चली बातचीत, फिर निकला समाधान
लंबी बातचीत के बाद प्रशासन और पीड़ित पक्ष के बीच देर रात सहमति बनी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों मृतकों के परिवारों को 15-15 लाख रुपये मुआवजा देने, विभाग के संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तथा दोनों परिवारों के परिजनों को नौकरी के संबंध में सहमति बनी।
हुए समझौते के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त करते हुए सड़क खोल दिया। प्रशासन की जिम्मेदारी में शव को सुबह परिजनों के हवाले किए जाने की बात सामने आई।


























