पत्थलगांव ✍️जितेन्द्र गुप्ता
ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में चल रहा शासकीय आवंटनों को खर्च दिखा कर राशि के बंदरबाट करने का मामला
पत्थलगांव के ग्राम नारायणपुर प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक श्री मति आशा केरकेट्टा के विरुद्ध शासकीय आबंटन के बंदरबाट के लगे है आरोप ग्रामीणों के द्वारा जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत कर मामले की जानकारी देते हुए कारवाही की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में लिखा कि शासकीय राशि को खर्च दिखाया गया पर जिस मद में खर्च दिखाया गया वहा किसी तरह का कोई कार्य किया ही नहीं गया 12500 रु में स्कूल के रंग रोबन के नाम पे नारायणपुर के प्रधान पाठक 7000, रु खर्च दिखाया जबकि स्कूल में किसी तरह का रंग रोबन किया हो नहीं गया था ग्रामीणों की लिखित शिकायत पर नारायण पुर के प्रधान पाठक द्वारा आनन फानन में लेबर लगा कर शुक्रवार 9 अक्टूबर को स्कूल का रंग रोबन कराया 18, 9, 2026 को की गई शिकायत के बाद कलेक्टर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच प्रतिवेदन सौंपने कहा था यही कारण था कि नारायण पुर की प्रधान पाठक श्री मति आशा केरकेट्टा के द्वारा स्कूल का आनन फानन में रंग रोबन कराया
अब सवाल ये उठता है कि अगर स्थानीय ग्रामीण सजग और जागरूक नहीं होते तो क्या शासकीय राशि को बस खर्च दिखा कर आहरण कर लिया जाता या कहे कि आहरण किया जा
चुका था और कार्य हुवा भी नहीं पर ग्रामीणों ने प्रधान पाठक के मंसा पे पानी फेरते हुए उक्त मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से कर दिया अब उक्त मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी को पूरी जांच कर प्रतिवेदन सौंपना है।
क्या ये सिर्फ नारायणपुर प्राथमिक शाला का मामला या इसी तरीके से अन्य स्कूलों में भी खेला जा रहा शासकीय रूपयों के आहरण का खेल वो भी बिना स्कूलों में खर्च किए इसपर एक टिम बना कर गहन जांच करने की आवश्यकता जिससे स्कूलों में शासकीय आबंटन एवं किए जा रहे खर्च का सच पता चले।






















