पत्थलगांव✍️जितेन्द्र गुप्ता
पत्थलगांव शहर की बदहाल सड़क को बनाना तो शुरू किया गया पर सड़क की गुणवत्ता एकदम खराब कल रात के अंधेरे में पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पुरन तालाब से बस स्टैंड के तरफ की सड़क को बनाना शुरू तो कर दिया गया पर सड़क बनाने तय मापदंडों का नही किया जा रहा पालन शुक्रवार की सुबह सबेरे आनन फानन में ठेकेदार के द्वारा रात के बचे हुवे सड़क बनाने के मटेरियल को सड़क में बिछाकर आम लोगो की सबसे ज्यादा जरूरी जरूरत सड़क निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है। जबकि रात के बचे हुए डामर के मटेरियल को सड़क बनाने में यूज नही किया जा सकता है। उस डामर मटेरियल को प्लांट में बनाने से लेकर उसे सड़क में डालने के नियम कायदे है। अगर उसकध्यान नही रखा गया तो सड़क की गुणवत्ता एकदम बेकार हो जाती है। जहाँ हर आम ब्यक्ति की सड़क बेहद जरूरी यातायात का साधन है। अगर उसे गुणवत्ता पुर्वक नही बनाया जाता ह तो इससे शासन के रूपयों की बर्बादी होती है। आपको बतादे सड़क बनाने के वक्त सबंधित विभाग का इंजीनियर को रहना चाहिए ताकि वो देख सके कि सड़क निर्माण पूरी जिम्मेदारी पूर्वक किया जा रहा हो। पर सुबह से कार्य प्रगति पर है पर राष्ट्रीय राजमार्ग का एक भी अधिकारी या कर्मचारी मोके पे मौजूद नही है। जिससे ठेकेदार के द्वारा सडक निर्माण एकदम खराब किया जा रहा है।

बड़े बड़े डामर के बने लट्ठे देखने से आप समझ सकते है कि दिन रात हजारो की संख्या में चलने वाले सड़क निर्माण किस तरह से किया ज रहा है। जहां शहर की सड़क के लिए पत्रकार से लेकर जन प्रतिनिधि एवं कांग्रेस पार्टी ने सड़क बनाने को लेकर पैदल मार्च कर शासन तक आवाज पहुँचाया है। उन सड़को के खराब गुडवत्ता पूर्वक कार्य नही होने से अनेक सवाल खड़े होते है।

पुरन तालाब से शहर के हो रहे सड़क कार्य पर वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन यादव ने कहा कि सड़क बनाने के कार्य मे गुणवत्ता का ध्यान नही रखा जा रहा है जहां आम लोगो के।लिए बड़ी मुश्किल से सड़क बनती हुई दिखी जरूर पर इस तरह बड़े बड़े डामर के टिल्हे को देख कर समझा जा सकता है कि सुबह ही सभी बेकार मटेरियल को सड़क बनाने के कार्य मे यूज कर दिया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन एवं सबंधित विभाग का इंजीनियर को खड़े होकर गुणवत्ता पुर्वक कार्य कराने की आवश्यकता थी
























