जशपुर ✍️जितेन्द्र गुप्ता
डीलिस्टिंग महागर्जना,
24 मई दिल्ली को लालकिला मैदान मे आयोजित होगा जनजाति सांस्कृतिक समागम
जनजातीय अधिकारों एवं डीलिस्टिंग की मांग को लेकर सरगुजा संभाग से बड़ी संख्या में जनजाति समाज के लोगों का जत्था अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से एक विशेष ट्रेन के व्दारा दिल्ली के लिए रवाना हुआ।
जनजाति सांस्कृतिक समागम में जनजाति सुरक्षा मंच भी डीलिस्टिंग की बहुप्रतीक्षित मांग के साथ शामिल हो रहा है। जनजातीय सांस्कृतिक समागम
के बैनर तले सभी आदिवासियों का बड़ा जत्था जशपुर, सरगुजा तथा विभिन्न क्षेत्र के हिस्सों से शामिल हो रहे हैं।
बताया गया कि 24 मई को दिल्ली के लालकिला मैदान से विशाल शोभायात्रा और उसके पश्चात महाजनसभा का आयोजन किया जाएगा, जहां देशभर से पहुंचे जनजातीय समाज के लोग अपने समाज की वीर गाथाओं को याद करेंगे, अपने अधिकारों को संरक्षित रखने की बात पर जोर दिया जाएगा।

दिल्ली रवाना होने से पहले जनजातीय सुरक्षा मंच के नेता रोशन प्रताप सिंह ने कहा कि जनजातीय समाज अपने संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक अस्मिता की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म परिवर्तन कर चुके हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति वर्ग को मिलने वाले आरक्षण एवं अन्य संवैधानिक लाभों का पात्र नहीं माना जाना चाहिए।
इस समाज के लोगों का कहना था कि “जनजातीय समाज की परंपराएं, संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक पहचान उसकी मूल आत्मा हैं। यदि कोई व्यक्ति अपनी मूल जनजातीय आस्था एवं परंपरा को छोड़कर अन्य धर्म स्वीकार करता है, तो उसे जनजातीय वर्ग के विशेष अधिकारों का लाभ नहीं मिलना चाहिए। डीलिस्टिंग के माध्यम से ऐसे लोगों को चिन्हित कर अलग किया जाना आवश्यक है, ताकि वास्तविक जनजातीय समाज के अधिकार सुरक्षित रह सकें।”
रोशन प्रताप सिंह ने कहा कि इस विषय को लेकर दिल्ली में व्यापक आंदोलन एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर जनजातीय समाज की भावनाओं से अवगत कराया जाएगा।
इस अवसर पर काफी बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के आदिवासी नेता तथा समाजजन एवं समर्थक उपस्थित रहे।

























