पत्थलगांव ✍️जितेन्द्र गुप्ता
श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ कथा स्थल वनदेवी मंदिर इंजको में लगातार बढ़ रही है भक्तों की संख्या

27 मई बुधवार को श्री कृष्ण बाल लीला, माखन चोरी, कालिया मर्दन लीला, श्री गोवर्धन लीला के बारे में बताया गया कथा स्थल में बैठने में लगता है कि प्रकृति के बीच मे भगवान की लीला की कथा सुन रहे है और वो आनंद ही अलग है। आसपास के गाँव गाँव से भक्त कथा स्थल वनदेवी में पहुच रहे है।

28 मई गुरुवार को महारास लीला, कंस वध, उद्धव-गोपी संवाद, रुकमणी विवाह दिनांक 29 मई शुक्रवार को सुदामा चरित्र, कृष्ण-उद्धव संवाद, राजा परीक्षित मोक्ष, शुकदेव पूजन, दत्तात्रेय उपाख्यान, कथा विश्राम दिनांक 30 मई शनिवार को हवन एवं भण्डारा दिनांक 31 मई रविवार हवन किया जाना है।

यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, अपितु आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का एक माध्यम है। आज के युग मे कथा के माध्यमम से जीवन जीने किंकला और अपनी उपलब्धि को पाने का महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रीमद्भागवत कथा के बातों को अमल में लाकर जीवन मे किसी भी सफलता को पाया जा सकता है।
श्रीमद् भागवत कथा की व्याख्या हेतु व्यास पीठ पर आचार्य श्री दिलीप उपाध्याय जी महाराज श्रीधाम् वृन्दावन विराजित होकर अपनी भक्तिमय ललित एवं रसमयी मधुरवाणी से भावपूर्ण श्रीमद्भागवत कथा कह रहे है।

कथा स्थल में ज्यादा से ज्यादा लोग आकर श्रीमद्भागवत कथा सुन कर आप सपरिवार अमृतपान कर पुण्य लाभ अर्जन क

























