पत्थलगांव ✍️जितेन्द्र गुप्ता
धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार।पीड़िता को झांसे में लेकर की गई 28 लाख रूपये की धोखाधड़ी।
आरोपी द्वारा पीड़िता के अलावा 09 अन्य लोगों को भी झांसे में लेकर की गई लभगग 03 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी।
प्रकरण में थाना गांधीनगर पुलिस द्वारा की गई सख्त कार्यवाही।
डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश कुमार अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक सरगुजा के दिषा-निर्देश पर थानों में दर्ज प्रकरणों में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़/गिरफ्तारी लगातार की जा रही है। इसी क्रम में थाना गांधीनगर पुलिस द्वारा धोखाधड़ी के मामले आरोपी की गिरफ्तारी कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, कि दिनांक 12/05/2026 को प्रार्थिया/पीड़िता दिव्या एक्का पति पंकज लकड़ा निवासी सरगवां थाना गांधीनगर के द्वारा इस आशय का रिपोर्ट दर्ज कराया कि यह शिक्षिका के पद पर राजपुर ब्लॉक में कार्यरत है। यह जुलाई 2024 में जमीन खरीदकर घर बनवाने के लिए करीब 15 लाख रूपये लोन लेने के विषय में सोच रही थी। इस विषय में यह अपने जीजा को बताई थी, इसके जीजा ने एक परिचित व्यक्ति के बारे में बताया जो लोन दिलाने का काम करता है। वह व्यक्ति पीड़िता के घर आया और इसे *अनशिवआर्या फाउण्डेशन ग्रुप कंपनी के संचालक आरोपी शिवशंकर दास निवासी चंगोरी बरियों जिला बलरामपुर* के बारे में बताया, कि ये अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जरूरतमंद लोगों को लोन दिलाने में मदद करते हैं, बैंक में इनका अच्छा पकड़ है। पीड़िता को व्यक्ति द्वारा कई लोगों के फाईल को अपने मोबाईल में और फिजिकल रूप से दिखाकर विश्वास दिलाकर कंपनी के सहयोग से हम आपको बहुत जल्द लोन दिला देंगे। व्यक्ति द्वारा बोला गया कि कंपनी में एक अच्छी स्कीम है, जो सेलेक्टेड लोगों को ही दिया जाता है, जिसके तहत् कंपनी आपको जितना भी लोन दिलायेगी, उसका 60 प्रतिशत कंपनी में जमा करना होगा और 40 प्रतिशत आपको मिलेगा, परंतु लोन का पूरा किश्त कंपनी ही हर महिने चुकायेगी। इस प्रकार व्यक्ति द्वारा पीड़िता के घर कई बार आकर लोन लेने के लिये प्रोत्साहित कर किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने का विश्वास दिलाता था। व्यक्ति द्वारा पीड़िता को भरोसे में लेकर व्हॉट्सअप के माध्यम से पैन कार्ड, आधार कार्ड, फॉर्म नंबर 16, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेण्ट व अन्य आवश्यक दस्तावेज ले लिया। पीड़िता केवल बैंक ऑफ इण्डिया के फार्म ही साईन करने गई थी, इसके अलावा और कहीं नहीं गई थी। व्यक्ति द्वारा मनमाने ढंग से आईसीआईसीआई बैंक से 15 लाख रूपये, बैंक ऑफ इण्डिया से 13.40 लाख रूपये, एचडीएफसी बैंक से 12.68 लाख रूपये का लोन कुल 41.08 लाख रूपये करीब लोन स्वीकृत कराकर पीड़िता के खाते में ट्रांसफर करा दिया। लोन स्वीकृत हो जाने के बाद से वह पीड़िता को कंपनी में रूपये भेजने के लिए लगातार बोलने लगा, फिर आरोपी शिवशंकर दास के कंपनी को चलाने वाले उसके साथी शिवशंकर से बात कराकर शिवशंकर दास द्वारा दिये गये अलग-अलग खातों में अलग-अलग दिनांक को कुल 28 लाख रूपये अपने लोगों के खातों में ट्रांसफर कराकर छलपूर्वक धोखाखड़ी किया गया है। अनशिवआर्या फाउण्डेशन कंपनी के संचालक शिवशंकर दास व इसके सहयोगियों के द्वारा पीड़िता के अलावा अन्य लोगों से भी इसी प्रकार छल किये गये हैं, प्रार्थिया/पीड़िता के रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण विवेचना दौरान प्रार्थिया को कथन एवं आरोपी शिवशंकर दास को धारा 35(1)(बी),(2) बीएनएसएस को नोटिस दिया गया, जिसके द्वारा नोटिस के शर्तों का पालन नहीं किया गया, जिसे तलब कर पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ व मेमोरेण्डम में बताया कि यह क्रेसर का संचालन करता है, और किराये में लेकर भी क्रेसर संचालन करता है, क्रेसर में नुकसान होने की वजह से पैसे की आवश्यकता थी, तो इसने अपने अनशिवआर्या फाउण्डेशन ग्रुप के माध्यम से पीड़िता दिव्या एक्का को फर्जी स्कीम बताकर एवं विश्वास दिलाकर अलग-अलग बैंकों से कुल 41.08 लाख रूपये का लोन स्वीकृत कराया गया था। प्राप्त लोन राशि में से अपने लोगों के अलग-अलग में कुल 28 लाख रूपये लिए और उन्हीं पैसों में से कुछ माह किश्त भरा, लेकिन क्रेसर में नुकसान होने के कारण किस्त जमा नहीं कर पाया। आरोपी द्वारा अपने सहयोगियों केे साथ मिलकर पीड़िता के अलावा अन्य 09 लोगों से भी करीब 03 करोड़ रूपये से अधिक राशि का धोखाधड़ी किया गया है। आरोपी के विरूद्व सदर धारा अपराध सबूत पाये जाने एवं अपराध स्वीकार किये जाने के फलस्वरूप आरोपी शिवशंकर दास पिता श्री राजू दास, उम्र 40 वर्ष, निवासी किशुनपुर थाना धौरपुर, जिला सरगुजा* को दिनांक 27/05/2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
उपरोक्त कार्यवाही में थाना गांधीनगर से थाना प्रभारी/निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, सउनि अभिषेक दुबे, आरक्षक दीनदयाल सिंह, सुल्तान अहमद इत्यादि की भूमिका महत्वपूर्ण रही।


























