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माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने हत्या के मामले में दोषसिद्ध आरोपी को दी आजीवन कारावास एवं सहयोगी को दी 3 वर्ष की कठोर कारावास की सजा…

सूरजपुर जितेन्द्र गुप्ता✍️

 

 

माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने हत्या के मामले में दोषसिद्ध आरोपी को दी आजीवन कारावास एवं सहयोगी को दी 3 वर्ष की कठोर कारावास की सजा

 

दिनांक 11.09.2021 को ग्राम बलदेवनगर निवासी मनोज उरांव ने थाना प्रेमनगर में सूचना दिया कि बांगों बांध के डुबान छोटे छुरी में एक व्यक्ति का पैर पानी के ऊपर दिखाई दे रहा है जिसकी सूचना मिलने पर उसकी तस्दीक करने पुलिस मौके पर पहुंची जहां पानी में दिख रहे पैर को रस्सी फंसाकर बाहर निकाला गया जो अज्ञात व्यक्ति का शव मिला जिसके गले में रस्सी बंधा हुआ था। प्रेमनगर पुलिस ने शून्य में मर्ग कायम कर शव पंचनामा बाद पीएम के लिए भेजा। जांच के दौरान पुलिस के द्वारा मृतक की शिनाख्त किया कि वह सुरेन्द्र यादव पिता हीरासाय उम्र 22 वर्ष निवासी हनुमानगढ़, थाना रामानुजनगर है। मृतक के पी.एम. रिपोर्ट में डॉक्टर के द्वारा मृत्यु का कारण हत्यात्मक लेख किए जाने पर थाना प्रेमनगर में अज्ञात व्यक्ति के विरूद्व अपराध क्रमांक 85/21 धारा 302, 201 भादवि के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
विवेचना में पाया गया कि 5 सितम्बर को मृतक अपने दीदी-जीजा के घर अम्बिकापुर गया था जहां से मृतक अपने जीजा सुखसाय उर्फ गवटियां बरगाह के साथ उसके पुत्र को लेने विध्यांचल गए थे और दूसरे दिन सुखसाय अपने लड़के को लेकर वापस अम्बिकापुर आया जहां पत्नी के द्वारा सुरेन्द्र के बारे में पूछने पर प्रेमनगर से उतरकर अपने घर चले जाना बताया जिस पर आरोपी सुखसाय को गिरफ्तार किया गया। जो खुलासा हुआ कि विध्यांचल स्थित मकान में 5 सितम्बर की रात्रि में सुरेन्द्र के पिता का मेडिकल दस्तावेज को फाड देने पर दोनों के बीच में वाद-विवाद हुआ इसी बीच लकड़ी पराठी उठाकर सुरेन्द्र के सिर में मारा और रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दिया और बोरे में भरकर साइकिल में रखकर पिता महाबीर बरगाह के साथ साक्ष्य छुपाने के उद्धेश्य से छोटे छुरी बांध के डुबान में ले जाकर पत्थर बांधकर शव एवं साइकिल को फेंक दिया। मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण के विवेचक एसआई निर्मल राजवाड़े द्वारा पुख्ता साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय सूरजपुर में पेश किया। अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक रमेश सिंह कुशवाहा के द्वारा की गई।
इस मामले की सुनवाई विद्धान न्यायाधीश श्री मानवेन्द्र सिंह प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सूरजपुर के यहां हुई। माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी कर निर्णय दिनांक 05.06.2026 में समग्र तथ्यों के आधार पर दोषसिद्ध सुखसाय उर्फ गंवटिया को धारा 302 भारतीय दण्ड संहिता के आरोप में आजीवन कारावास, धारा 201, 34 भादसं. के आरोप में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 200 रूपये का अर्थदण्ड, दोषसिद्ध महावीर को धारा 201, 34 भारतीय दण्ड संहिता के आरोप में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 100 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है।

Abtak News 24
Author: Abtak News 24

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