पत्थलगांव जितेन्द्र गुप्ता
पत्थलगांव विकासखंड में सीएसी फॉलो-अप कार्यशाला का सफल आयोजन
विकासखंड पत्थलगांव के बीआरसीसी कार्यालय में आज संकुल समन्वयकों (CACs) की फॉलो-अप कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यशाला में विकासखंड के सभी 46 में से 46 संकुल समन्वयकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति रही। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (ABEO) एवं बीआरसीसी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अब तक किए गए शैक्षणिक कार्यों की समीक्षा करना तथा आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए साझा कार्ययोजना तैयार करना था।
कार्यशाला में निम्न प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा एवं प्रदर्शन किया गया—
अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा।
लपढ़ने की घंटी एवं मुस्कान पुस्तकालय के प्रभावी संचालन का प्रदर्शन।
विद्यालयों में गणित के इबारती-प्रश्न (Word Problems) के उपयोग पर चर्चा।
थीमैटिक राइटिंग की प्रक्रिया एवं कक्षा में उसका प्रभावी क्रियान्वयन।
एचटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रिंट-समृद्ध वातावरण, पुस्तकालय एवं प्रार्थना सभा को सशक्त बनाने पर चर्चा।
बाल संसद एवं बाल शोध गतिविधियों को विद्यालयों में प्रभावी रूप से संचालित करने की रणनीति।
विद्यालयों में विज्ञान एवं गणित कॉर्नर विकसित करने पर विचार-विमर्श।
मोर संकुल, मोर सपना” थीम के अंतर्गत प्रत्येक संकुल का विकास योजना (Cluster Development Plan) तैयार करने की प्रक्रिया।
कार्यशाला के दौरान बीईओ, एबीईओ, बीआरसीसी एवं सभी संकुल समन्वयकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए यह संकल्प लिया कि विकासखंड के सभी विद्यालयों में मुस्कान पुस्तकालय एवं पढ़ने की घंटी का नियमित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, पत्थलगांव की टीम ने भी कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता करते हुए शैक्षणिक गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार रखे।
कार्यशाला में नई पाठ्यपुस्तकों का परिचय, विभिन्न शिक्षण-अधिगम सामग्रियों (TLMs) का प्रदर्शन एवं उनके उपयोग पर चर्चा ने संकुल समन्वयकों को आगामी सत्र की कार्ययोजना को स्पष्ट रूप से समझने में सहायता प्रदान की।
बैठक के अंत में बीईओ एवं बीआरसीसी द्वारा यह निर्णय लिया गया कि संकुल समन्वयकों के साथ नियमित मासिक फॉलो-अप बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिससे विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों की निरंतर समीक्षा एवं आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यशाला उत्साह, सहभागिता एवं सकारात्मक संवाद से परिपूर्ण रही तथा विकासखंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुवा।
























