पत्थलगांव जितेन्द्र गुप्ता
पत्थलगांव क्षेत्र में खाद कारोबारियों के बीच कथित रूप से वीडियो बनाकर दबाव बनाने और उगाही किए जाने का मामला सामने आया है। खाद व्यवसायियों का आरोप है कि ऋषिकेश मिश्रा, अमित पांडे समेत कुछ अन्य लोगों द्वारा उन्हें सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी दी जा रही है और कथित वीडियो वायरल करने का दबाव बनाया जा रहा है।व्यवसायियों के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा कैमरा-युक्त चश्मे के माध्यम से खाद दुकानों की रिकॉर्डिंग की जाती है। आरोप है कि खाद को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेचने से संबंधित वीडियो तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी दी जाती है। व्यवसायियों का दावा है कि इसी तरह के वीडियो को आधार बनाकर कुछ दुकानदारों से कथित तौर पर पैसे की मांग भी की गई।खाद व्यवसायी राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि लैलूंगा-राजपुर निवासी ऋषिकेश मिश्रा द्वारा धमकी और दबाव बनाकर उनसे फोन-पे के माध्यम से 50 हजार रुपये लिए गए। इस लेनदेन और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
कैमरा-युक्त चश्मे से स्टिंग, फिर कथित वसूली का आरोप
व्यवसायियों का आरोप है कि पूरे मामले में पहले कैमरा-युक्त चश्मे से दुकानों की रिकॉर्डिंग की जाती है। इसके बाद कथित स्टिंग वीडियो की रिकॉर्डिंग कुछ अन्य लोगों तक पहुंचाई जाती है और संबंधित व्यवसायियों पर दबाव बनाकर अलग-अलग तरीके से पैसे की मांग किए जाने का आरोप है।व्यवसायियों ने यह भी आरोप लगाया है कि इससे पहले भी एक खाद व्यवसायी के यहां इसी तरह कैमरा-युक्त चश्मे से रिकॉर्डिंग किए जाने और कथित रूप से पैसे की मांग किए जाने के बाद पोर्टल पर खबर प्रकाशित कर अधिकारियों पर कार्रवाई का दबाव बनाया गया था।
बेलडेगी मेडिकल दुकान मामले का भी जिक्र
व्यवसायियों ने बेलडेगी की एक मेडिकल दुकान से जुड़े पुराने मामले का भी जिक्र किया है। उनका आरोप है कि वहां भी कथित रूप से इसी तरह दबाव और पैसे की मांग के बाद मेडिकल दुकान के संबंध में पोर्टल पर खबर प्रकाशित की गई तथा कार्रवाई होने के बाद खबर को पोर्टल से हटा दिया गया। व्यवसायियों ने इन घटनाओं के बीच कथित रूप से एक ही समूह की भूमिका होने की जांच की मांग की है।व्यवसायियों का कहना है कि यदि किसी खाद दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत है तो संबंधित विभाग को नियमानुसार जांच करनी चाहिए। लेकिन वीडियो वायरल करने या सोशल मीडिया में बदनाम करने की धमकी देकर पैसे की मांग किए जाने का आरोप गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।व्यवसायियों ने पुलिस और प्रशासन से पूरे मामले में फोन-पे लेनदेन, कथित स्टिंग वीडियो, रिकॉर्डिंग तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगो के उपर कार्यवाह की मांग की है।
























