जशपुर ✍️जितेन्द्र गुप्ता
घर का ताला तोड़कर सोने के जेवर चोरी करने वाला आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार।
मामला थाना बागबहार क्षेत्रांतर्गत ग्राम डूमर बहार का
आरोपी के विरुद्ध थाना बागबहार में अपराध क्रमांक 109/26, व बी एन एस की धारा 331(3), 305 के तहत अपराध पंजीबद्ध
नाम आरोपी: शंकर भगत उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम डुमरबहार थाना बागबहार जिला जशपुर छ ग।
पुलिस के द्वारा आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया सोने का एक जोड़ी कर्णफूल, कीमती लगभग 70,000/- रुपये बरामद कर किया गया जप्त।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 04.11.2026 को प्रार्थी ललित यादव पिता रविशंकर यादव उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम डूमरबहार, थाना बागबहार द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 03.11.2026 की रात्रि करीब 09:00 बजे उसके पिता व माता खाना खाने के बाद दुकान में सोने चले गए थे। रात्रि करीब 10:30 बजे जब प्रार्थी होटल से अपने घर सोने आया तो देखा कि घर के दरवाजे में लगा ताला टूटा हुआ था तथा दरवाजा खुला था। घर के अंदर जाकर देखने पर अलमारी खुली हुई थी और सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। इसकी जानकारी प्रार्थी ने अपने माता-पिता को दी। तीनों ने घर की जांच की तो अलमारी में रखा सोने का एक जोड़ी कर्णफूल गायब मिला। प्रार्थी ने घर के आसपास शंकर भगत को घूमते हुए देखने की बात बताई और उस पर चोरी करने का संदेह जाहिर किया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बागबहार में अपराध क्रमांक 109/26, धारा 331(3), 305 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
बागबहार पुलिस के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार संदेह के आधार पर ग्राम डूमरबहार में पतासाजी कर शंकर भगत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने प्रार्थी के घर के दरवाजे में लगा ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने तथा अलमारी में रखे सोने के एक जोड़ी कर्णफूल को चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से चोरी गया सोने का एक जोड़ी कर्णफूल, कीमती लगभग 70,000/- रुपये बरामद कर विधिवत जप्त किया गया।
प्रकरण में आरोपी शंकर भगत उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम डूमरबहार, थाना बागबहार, जिला जशपुर के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बागबहार उप निरीक्षक सुनील सिंह, प्रधान आरक्षक विरेन्द्र सनमानी, आरक्षक पवन पैंकरा, आरक्षक सुरेश कुमार नाग एवं सैनिक राकेश भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


























