पत्थलगांव ✍️जितेंद्र गुप्ता
पत्थलगांव यातायात ब्यवस्था चरमराई लोग भी समझने को नही तैयार पुलिस भी नही करती कारवाही
पत्थलगांव शहर की यातायात ब्यवस्था पूरी तरह चरमरा सी गई है दिन में कई दर्जनों बार सड़के हो रही है जाम लोग भी समझने को नही है तैयार पुलिस भी नही करती कड़ी कारवाही जिसका खामियाजा भुगतती है आम जनता नेशनल हाइबे सड़क जहाँ से हर सेकेंड में बड़ी छोटी वाहनों का लगातार आना जाना है। सड़के पर्याप्त नही है वही शहर वासी से लेकर अन्य शहरों से आते जाते लोग अपनी बड़ी छोटी वाहनों को करते है सड़क से सटा कर खड़ा यही से होता है सड़के जाम होने की शुरुआत सैकड़ो बार स्थानीय अधिकारियों समाज सेवियों से लेकर जिला पुलिस अधीक्षक तक ने यातायात ब्यवस्था को बेहतर बनाने अनेक प्रयास किये पर अब तक इसका सही मायने में कोई हल शहर वासियों को देखने मे नही मिला है। जशपूर रोड हो या बस स्टैंड से अम्बिकापुर रोड सड़क स्थानीय लोग रोजाना सड़क जाम की स्थिति से दो चार हो रहे है। पर इस समस्या से निजात कैसे मिलेगा इसका रोडमैप किसी के पास नही है।

स्थानीय लोगो ने अनेक बार मुख्यमंत्री से लेकर विधायक को सड़क की बड़ी समस्या का हवाला देते हुए बाई पास सड़क रिंगरोड की मांग की जा चुकी है। पर लगभग 8 महीने की सरकार बनने के बाद भी पत्थलगांव वासियों के ब्यवस्था में कोई खास बदलाव देखने को नही मिला है। वही उबड़ खाबड़ सड़के जहाँ से गुजरने पर आपको किसी गाँव कस्बे से गुजरने का अनुभव होगा स्थानीय लोग अनेक बार स्थानीय अधिकारियों से लेकर जिला एवं राज्य स्तर के अधिकारियों तक को सड़क की बदहाल स्थिति से अवगत करा चुकी है। पर अब तक आम लोगो को कुछ मिल न सका है।
पत्थलगांव शहर की कई दशक पहले की सड़क और आज की सड़क जश की तस है जबकि कई दशक पहले लोगो के पास वाहन कम थे सड़को से वाहनों की आवाजाही कम थी और आज सड़क की स्थिति वही है। और वाहनों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। अब पत्थलगांव की यातायात ब्यवस्था के बेहतर बनाने में बाईपास सड़क या रिंगरोड के विकल्प पर जल्द ही कोई निर्णय लेने की जरूरत नही तो आने वाले कुछ वर्षों में पत्थलगांव शहर से निकलने में लोगो को कई कई घण्टो का समय लगेगा
























