पत्थलगांव ✍️जितेन्द्र गुप्ता
पत्थलगांव राज्य शासन के द्वारा पंचायत सचिवों को काम मे लौटने के आदेश को पंचायत सचिवों ने जलाकर जताया विरोध
पंचायत सचिवों का शासकीयकरण नही किये जाने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठने का आज लगातार पांचवा दिन है। पर अब तक शासन की तरफ से कुछ होता नही दिख रहा है। ऊपर से राज्य सरकार ने सभी पंचायत सचिव को काम मे लौटने का आदेश जारी किया जिसपर पंचायत सचिवों में खासा रोष है।

संचालक पंचायत संचालनालय अटल नगर नवा रायपुर से 21 अप्रैल को अपने आदेश जारी करते हुए लिखा था
विषयांतर्गत लेख है कि प्रदेश के ग्राम पंचायतों में कार्यरत समस्त ग्राम पंचायत सचिव दिनांक 17.03.2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये है जिसकी वजह से प्रदेश के ग्राम पंचायतों का कार्य प्रभावित हो रहा है। हड़ताल की वजह से ग्राम पंचायतों द्वारा दी जाने वाली अनिवार्य सेवाओं तथा हितग्राहीमूलक शासकीय योजनओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न हो रही है।

ग्राम पंचायतों के कार्यों की अनिवार्यता को दृष्टिगत रखते हुये समस्त हडताली ग्राम पंचायत सचियों को 24 घंटे के भीतर हडताल समाप्त कर अपने कर्तव्य पर लौटने के संबंध में अपने सतर से निर्देश प्रसारित करें। निर्देश की अवहेलना करने वाले ग्राम पंचायत सचिवों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाये।
1. निज सचिव, प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन नया रायपुर अटल नगर की ओर सूचनार्थ।2. समस्त कलेक्टर, छत्तीसगढ़ को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु।3. समस्त उप संचालक, पंचायत को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु।
पंचायत सचिव संघ के प्रदेश महामंत्री रमेश जायशवाल ने कहा कि राज्य शासन हमे दमनकारी आदेश से दबाना चाहती है जो हम सभी को अस्वीकार है। हम अपने हक की बात कर रहे है जिसे हम हर हाल में लेकर रहेंगे।
पत्थलगांव ब्लॉक पंचायत सचिव संघ के सचिव विजय डनसेना ने कहा कि जिस तरह राज्य सरकार ने अपने घोषणा पत्र में मोदी की गारंटी का नाम दिया था पंचायत सचिव के शासकीयकरण करने को पर वो अब एक वर्ष से भी ज्यादा का समय बीत जाने पर पूरा होता नही दिख रहा है। राज्य सरकार को अविलंब हमारे लिए सोचना चाहिए जिससे हम सचिवों का शासकीयकरण हो संके आखिर कब तक हम अपने वास्तविक हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे हम लगातार पांचवे दिन हड़ताल में बैठे है। जिससे ये विकास कार्यो में बाधा उतपन्न हो रहा है।
पंचायत सचिव संघ के अनिश्चितकालीन हड़ताल से निश्चित ही ग्रामीण इलाकों के विकास कार्यो में हो रही है मुश्किल जिस पर राज्य सरकार को विचार करने की जरूरत है।
























