पत्थलगांव ✍️जितेंद्र गुप्ता
पत्थलगांव लुड़ेग की मेधावी छात्रा मायसा सिद्धिकी ने कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में कामयाबी का परचम लहराया
शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां निरंतर ऊंचाइयों को छू रही है और इसका एक शानदार उदाहरण इस बार फिर देखने को मिला है। जोगपाल पब्लिक स्कूल पत्थलगांव की होनहार छात्रा मायसा सिद्धिकी पिता मुजबद्दीन सिद्दिकी की माता सरवत सुल्तान सिद्दीकी शुरू से ही मेधावी छात्रा रही है एवं सीबीएसई की कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में 96.4% अंक पाकर जशपुर जिला में सेकंड एवं पत्थलगांव ब्लॉक में फर्स्ट पोजीशन प्राप्त कर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न सिर्फ स्कूल को बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है ।
यह सफलता नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है मायसा सिद्धिकी की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया की मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है । इस होनहार छात्रा की इस सफलता ने विद्यालय में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है जिससे अन्य छात्र छात्राएं भी प्रेरित हो रहे हैं।

मायसा सिद्धिकी के अभिभावक ने उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा यह सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि यह पूरे विद्यालय शिक्षकों एवं अभिभावक की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। हमारी बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है और यह परिणाम उसे परिवर्तन का संकेत है। मायसा सिद्धिकी की यह उपलब्धि सिर्फ एक परीक्षा परिणाम नहीं बल्कि यह बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक है। यह परिणाम इस बात का प्रमाण है कि यदि अच्छा अवसर और मार्गदर्शन मिले तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है।
दुष्यंत कुमार की यह पंक्तियां अक्सर सुनने को मिलती है। कौन कहता है कि आसमान में सुराग नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो। मायसा सिद्धिकी ने इस उपलब्धि पर कहा कि कामयाबी ने सिद्ध कर दिया की निरंतर अभ्यास ,अनुशासन और उचित मार्ग दर्शन से असंभव को भी संभव किया जा सकता है । यह पूरी तरह से सामूहिक उपलब्धि है। उसका श्रेय मैं अपने स्कूल मैनेजमेंट एडमिनिस्ट्रेटर,शिक्षक गण अनुशासित वातावरण गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था एवं माता-पिता को देती हूं।
























