पत्थलगांव ✍️जितेन्द्र गुप्ता
राष्ट्रीय राजमार्ग 43 शहर की सड़क में चलना हुवा दुभर बस स्टैंड के इंदिरा चौक में विशालकाय गड्ढे बने

पत्थलगांव की दसको पुरानी सडक की समस्या से निजात मिलता नही दिख रहा बस स्टैंड के चौक जहां से पत्थलगांव शहर का हर ब्यक्ति चाहे वो किसी भी रास्ते से जाए उसे बस स्टैंड चौक से होकर गुजरना ही होगा और यही है सड़क में विशालकाय गड्ढे जहाँ से आपको खुद को और अपबे वाहन को बचाते हुए सुरक्षित जाने की जद्दोजहद करनी होगी तभी आप वहां से निकल पाएंगे पैदल यात्री और मोटरसाइकिल स्कूटी वालो की तो बात ही छोड़ दीजिए उन्हें तो परेशान होबेसे कोई बच्चा ही नही सकता

पूरा शहर का मुख्य और ब्यस्तम मार्ग लगभग 100 से 200 मीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क की हालत बत्त से बत्तर बन चुकी है जिसे देख कर ये अंदाजा लगाना आसान होगा कि राष्ट्रीय राजमार्ग नाम का कोई विभाग कार्यरत है भी की नही और अगर है तो उसके बड़े से लेकर छोटे अधिकारी किस नींद में सोए हुए है जो उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग 43 के बस स्टैंड चौक की बदहाल स्थिति पता नही चल पा रही है।

इस मार्ग से स्थानीय लेबल के सभी अधिकारी कर्मचारियों से लेकर सभी पार्टियों के नेताओ का चलना हो रहा हाइपर किसी को भी रास्ट्रीय राजमार्ग 43 के बस स्टैंड चौक के खस्ताहाल विशालकाय गड्ढों का पता नही चल पा रहा है। सरकार किसी भी पार्टी की हो शहर वासियों को अच्छी सड़क देखने का मौका कभी मिला ही नही। बरसात के दिनों में बड़े बड़े गड्ढ़े ही पत्थलगांव की बड़ी पहचान बन चुका है जिसे अन्य शहरों के लोग रोज ही यहां के लोगो से मिलने पर सबसे पहले पत्थलगांव के शहर के सडको का हाल पूछ ही लेते है। जहां उन्हें जबाब में पता चलता है कि सड़क में विशालकाय गड्डों ने अपनी जगह बना ली है जहां से आम ब्यक्ति को खुद को भी बचाना है और अपने वाहन को बचाने की जद्दोजहद करनी है। अगर अचानक इस विशालकाय गड्डो में आप गिर गए तो फिर जग हसाई अलग और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग से लेकर उच्च अधिकारियों का इन सड़कों से मुंह फेर लेना ये साबित करता है कि शहर वासियों को एक अच्छी सड़क तक नसीब नही है। जहाँ से आम आदमी बेखोफ होकर आराम से आना जाना कर संके

पत्थलगांव नगरपालिका के पार्षद संजय तिवारी ने बस स्टैंड के राष्ट्रीय राजमार्ग 43 के विशालकाय गड्डो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमेसा ही राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारी कुम्भकर्णी नींद में रहते है जिसके चलते शहर वासियों से लेकर आसपास के गाँव के लोग सड़क से यातायात करने वाले लोग काफी ज्यादा परेशान होते है गड्ढे इतने बड़े है कि चक्के वाहन के पूरे अंदर घुस जा रहे है पर एनएच विभाग है कि सडको की देखभाल से लेकर गद्दों को ठीक करने में कुछ भी करता नही दिखता। जिसके चलते शहर वासियों को भारी दिक्कतें हो रही है अन्य और कोई आने जाने के रास्ते मौजूद नही है जिससे इधर से उधर जाया जा संके।

वरिष्ट अधिवक्ता मोहन यादव ने बताया कि जिस तरह बस स्टैंड में बड़े बड़े गड्ढे है उससे और बड़े बड़े गड्ढे अम्बिकापुर रोड कदम घाट से पहले है जहां से आप अपने वाहन को पार करनेमे काफी मुश्किल अवश्य होगी वाहनों से चलने वाले लोग अपने चलने लायक सड़क ढूंढते देखे जाते है जहां से कम परेशानियों के साथ निकला जा संके वाहन के ड्राइवरों को तो यही समझ मे नही आता कि राष्ट्रीय राजमार्ग सडक में बड़े बड़े गड्ढे हो चुके है या गड्ढे में सडक ने अपना स्थान बना लिया है।
























