पत्थलगांव ✍️जितेन्द्र गुप्ता
संकुल केंद्र दिवानपुर में ‘गणित मापन मेले’ का भव्य आयोजन
बच्चों ने दिखाए गणितीय कौशल
दिवानपुर। स्थानीय संकुल केंद्र दिवानपुर में आज विकासखंड स्तरीय निर्देशों के पालन में ‘गणित मापन मेला’ का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर गणित के प्रति भय को दूर करना और उन्हें दैनिक जीवन में माप-तौल की बारीकियों से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।
मेले की मुख्य गतिविधियाँ
मेले में संकुल के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्राथमिक शालाओं के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों ने अलग-अलग स्टॉल्स लगाकर गणितीय सिद्धांतों को प्रदर्शित किया:
लंबाई और ऊंचाई मापन: फीते और स्केल की मदद से सटीक माप लेना।
द्रव्यमान (वजन) का ज्ञान: तराजू और बाटों के माध्यम से ठोस वस्तुओं का वजन करना।
धारिता (आयतन): तरल पदार्थों को मापने के लिए लीटर और मिलीलीटर के पात्रों का प्रयोग।
समय और मुद्रा: घड़ी देखना और नकली नोटों/सिक्कों के जरिए बाजार की लेनदेन प्रक्रिया को समझना।
आकृतियों की पहचान: ज्यामितीय आकृतियों जैसे त्रिभुज, आयत और वर्ग का मॉडल प्रदर्शन।

अतिथियों का उद्बोधन
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती संतोषी भारद्वाज (बी डी सी ),श्रीमती हीरा कुमारी (सरपंच) करमीटिकरा श्री जगरनाथ पाढ़ी (बीआरसीसी) पत्थलगांव संकुल समन्वयक गजानंद राठिया और वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा मां सरस्वती के पूजन से किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा, “गणित केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे जीवन के हर कदम पर मापन की आवश्यकता होती है। ऐसे मेलों से बच्चों में तार्किक क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होता है।”
मेले में शिक्षकों ने मार्गदर्शक की भूमिका निभाई और खेल-खेल में कठिन सूत्रों को हल करना सिखाया। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी मेले का भ्रमण किया और नन्हे वैज्ञानिकों व गणितज्ञों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में अतिथि शिक्षक पालक एवं सभी बच्चों ने भोजन कर कार्यक्रम की समाप्ति की गई
























