पत्थलगांव सिविल अस्पताल में शिक्षक कार्तिकेश्वर निषाद की हार्ट अटैक से हुई मौत के बाद सिविल अस्पताल में भटकते रहे परिजन पे ज्वाइंट डायरेक्टर अनिल शुक्ला ने अति महत्वपूर्ण मानते हुए ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी को थमाया नोटिस
पत्थलगांव ✍️जितेन्द्र गुप्ता
रविवार की सुबह सबेरे शिक्षक कार्तिकेश्वर निशाद की हार्ट अटैक से अपने कार में मौत होने के बाद सिविल अस्पताल पत्थलगांव के गेट के पास घण्टो तक परिजन डाक्टर और नर्स ढूंढते रहे थे सूचना पटल खाली था डियुटी में नाम किसी का डियूटी में कोई और था अस्पताल में कोई अटेंडर मौजूद नही था 8 बजकर 8 मिनट में डॉक्टर के द्वारा मेरा डियुटी समय खत्म हो चुका है। ये कहना आम जन मानस को पूरी तरह झकझोर रहा है। कि कैसे कोई डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी से भागने में आगे होते है। डियुटी चार्ट में जिस डॉक्टर का नाम वे कह रहे है मेरी डियुटी नही जो डियूटी कर रही डॉक्टर कह रही है मेरी डियूटी खत्म हो गई है। क्या आम जन अपनी जान बचाने अस्पताल आये तो उन्मीद किससे करें कैसे करें इतना सब होने के बाद भी जिस तरह पत्थलगांव से लेकर जशपुर तक के स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन का रवैया था उससे आम जन को किसी तरह की कोई जांच कोई कार्यवाही की उन्मीद नही दिख रही थी
पर सरगुजा ज्वाइंट डायरेक्टर अनिल शुक्ला ने सिविल अस्पताल पत्थलगांव की ब्यवस्था और समस्त बाते जो समाचार में आये है। उसे अति महत्वपूर्ण मानते हुए उनमें संज्ञान लेते हुए जशपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नोटिस थमाते हुए जांच प्रतिवेदन 3 दिवस में प्रस्तुत करने कहा है।
अब देखना होगा कि जशपुर स्वास्थ विभाग रविवार सुबह हुई संवेदनशीता को दरकिनार करते जिम्मेदारी से भागने वाले डॉक्टरों के ऊपर किस तरह की जांच करते है।


























