धमतरी✍️जितेन्द्र गुप्ता
एसपी धमतरी के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्ग में 56 वाहन चालकों का नेत्र परीक्षण शिविर सम्पन्न – परिवहन सुरक्षा की अनूठी पहल
धमतरी पुलिस यातायात द्वारा सुरक्षित सड़क परिवहन जागरूकता कार्यक्रम – यातायात नियम, प्राथमिक उपचार व सुरक्षित ड्राइविंग की दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुनिश्चित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से आज मरौद टोल प्लाजा में जिला स्वास्थ्य विभाग एवं धमतरी पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से नेत्र परीक्षण एवं यातायात जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में उप पुलिस अधीक्षक यातायात, यातायात प्रभारी एवं यातायात पुलिस टीम की विशेष उपस्थिति रही।
नेत्र परीक्षण में 56 वाहन चालकों की जाँच
शिविर के दौरान विभिन्न राज्यों एवं जिलों से गुजरने वाले भारी और हल्के वाहनों के कुल 56 चालकों का नेत्र परीक्षण किया गया। परीक्षण दल में डॉक्टर श्री लुकेश कुर्रे, प्रवीण टंडन एवं डुटेन्द्र कंवर सम्मिलित रहे।
डॉक्टरों द्वारा—
चालकों की नजर की शक्ति
रंग पहचान क्षमता
रात में दिखाई देने की क्षमता
दृष्टि की स्पष्टता
प्रारंभिक नेत्र रोगों के लक्षण
की बारीकी से जांच की गई।
जिन चालकों को चश्मे की आवश्यकता पाई गई, उन्हें नियमित रूप से चश्मे का उपयोग करने की सलाह दी गई। साथ ही ग्लोबल ट्रैफिक रिसर्च के अनुसार “स्पष्ट दृष्टि” सड़क दुर्घटनाओं में 15–20% कमी ला सकती है—इस तथ्य से भी चालकों को अवगत कराया गया।
रात में वाहन चलाते समय सावधानियां
डॉक्टरों और यातायात पुलिस द्वारा चालकों को रात के समय ड्राइविंग के दौरान अपनाई जाने वाली महत्वपूर्ण सावधानियों के बारे में बताया गया, जैसे
हाई बीम का अनावश्यक उपयोग न करना
रिफ्लेक्टर स्टिकर्स वाले वाहनों को प्राथमिकता देना
बारिश/कोहरे में धीमी गति से वाहन चलाना
थकान महसूस होने पर वाहन रोककर विश्राम करना
यातायात पुलिस द्वारा विस्तृत नियमों की जानकारी
यातायात विभाग द्वारा चालकों को सड़क सुरक्षा और कानून पालन से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से जागरूक किया गया। इसमें विशेष रूप से निम्न बिंदु शामिल रहे—
(01) सुरक्षित गति का पालन
अत्यधिक गति सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है। निर्धारित स्पीड लिमिट में ही वाहन संचालन करने की अपील की गई।
(02) सीटबेल्ट एवं हेलमेट का अनिवार्य उपयोग-
चारपहिया वाहनों में सीटबेल्ट एवं दोपहिया वाहनों में हेलमेट उपयोग को जीवन रक्षक बताया गया।
(03) नशामुक्त ड्राइविंग
नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि जनहानि की बड़ी वजह भी है। इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
(04) ओवरटेकिंग के नियम
दाईं ओर से ही ओवरटेक करना
जंक्शन, मोड़ एवं पुल पर ओवरटेकिंग न करना
सिग्नल देकर ही ओवरटेक करना
इन नियमों को उदाहरण सहित समझाया गया।
(05) वाहन फिटनेस एवं रखरखाव
ब्रेक, टायर, लाइट, फॉग लैंप, रियर व्यू मिरर आदि की समय-समय पर जाँच करने पर बल दिया गया।
(06) थकान प्रबंधन (Fatigue Management)
लंबी दूरी तय करने वाले चालकों के लिए हर 2–3 घंटे में विश्राम
पानी एवं स्वास्थ्यवर्धक भोजन
लगातार 8–10 घंटे ड्राइविंग से बचाव
के बारे में विशेष सुझाव दिए गए।
(07) दुर्घटना के समय प्राथमिक उपचार ज्ञान
यातायात पुलिस द्वारा CPR, रक्तस्राव रोकने, घायल को सुरक्षित स्थान पर ले जाने जैसे प्राथमिक उपचार का संक्षिप्त प्रदर्शन भी किया गया।
सभी चालकों से की गई महत्वपूर्ण अपील
धमतरी यातायात पुलिस द्वारा अंत में यह अपील की गई कि-
सफर के दौरान ड्राइविंग नियमों का पालन करें
किसी भी प्रकार की दृष्टि या स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल चिकित्सीय जाँच कराएँ
रात में लंबी दूरी तय करते समय पर्याप्त विश्राम लें
सीटबेल्ट, हेलमेट एवं स्पीड लिमिट को आदत बनाएं
सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक चालक की सतर्कता अनेक जीवन बचा सकती है।
























