पत्थलगांव जितेन्द्र गुप्ता ✍️
जोगपाल पब्लिक स्कूल में मेहंदी, थाली सजावट एवं राखी मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित
पत्थलगांव। जोगपाल पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, कलात्मक कौशल एवं भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेहंदी, थाली सजावट एवं राखी मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए अपनी कला एवं रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया।
मेहंदी प्रतियोगिता में रेशमा बन्नो निर्णायक के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि श्रीमती सुमन अग्रवाल, अग्रवाल महिला मंडल की अध्यक्ष, ने थाली सजावट प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाई। निर्णायकों ने बच्चों की कलाकृतियों का मूल्यांकन करते हुए उनकी मेहनत, कल्पनाशीलता और प्रतिभा की सराहना की।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण नर्सरी के नन्हे-मुन्ने बच्चे रहे। बच्चों ने विद्यालय के ड्राइवर भैया, पियून भैया एवं पेड़-पौधों को राखी बांधकर रक्षाबंधन के प्रेम, सुरक्षा और भाईचारे का सुंदर संदेश दिया। पेड़-पौधों को राखी बांधकर बच्चों ने यह संदेश भी दिया कि प्रकृति हमारी जीवनदायिनी है और उसकी रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है।
विद्यालय के डायरेक्टर श्री सरणजीत सिंह भाटिया ने कहा, “बच्चे हमारे विद्यालय की नींव हैं। बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल किताबों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें ऐसी गतिविधियों के माध्यम से सीखने और अपनी प्रतिभा को निखारने के अवसर मिलते रहने चाहिए।”
एडमिनिस्ट्रेटर श्री मनजोत सिंह भाटिया ने कहा, “जीवन में हर कार्य और हर कौशल का अपना महत्व है। ऐसी गतिविधियां बच्चों को सहयोग, जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच सिखाती हैं। बच्चों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।”
विद्यालय की प्रिंसिपल श्रीमती श्वेता पटेल ने कहा, “बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नई-नई चीजें सीखनी चाहिए। इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों की छिपी प्रतिभा को सामने लाती हैं और उनमें आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता का विकास करती हैं। हमारा उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सुंदर राखियां, आकर्षक थालियां एवं मनमोहक मेहंदी डिजाइन तैयार किए। विद्यालय की शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी बच्चों का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह, उमंग, भाईचारे और रचनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

























