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पुलिस ने 21 चोरी की बाइक के साथ अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का किया पर्दाफाश…

रायगढ़ जितेन्द्र गुप्ता✍️

 

ऑपरेशन क्लीन हंट : चक्रधरनगर पुलिस ने 21 चोरी की बाइक के साथ अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का किया पर्दाफाश

करीब ₹9 लाख की मोटरसाइकिलें बरामद, 5 शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, 2 फरार आरोपियों की तलाश जारी

रायगढ़, कोरबा, सक्ती एवं ओडिशा तक फैला था गिरोह का नेटवर्क, संगठित अपराध की धाराएं जोड़ी गईं

एसएसपी  शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संपत्ति संबंधी अपराधों पर बड़ी कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत थाना चक्रधरनगर पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए करीब 9 लाख रुपये कीमत की 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कर पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रायगढ़ सहित कोरबा, सक्ती एवं ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह द्वारा सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को वाहन चोरी के मामलों को प्राथमिकता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में 11 जुलाई 2026 को कमला नेहरू गार्डन के सामने से चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर क्रमांक CG-11-AM-7998 के प्रकरण की विवेचना के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा ने थाना चक्रधरनगर पुलिस को मुखबिर तंत्र सक्रिय कर वाहन चोरों की पतासाजी के निर्देश दिए।

विवेचना के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक मेडिकल कॉलेज रोड पर चोरी की मोटर साइकिल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना चक्रधरनगर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम अनिल मिश्रा एवं अमृत बहादुर बताया। मोटरसाइकिल के संबंध में पूछताछ करने पर दोनों ने अपने साथियों बोलो निषाद, चंद्रकुमार तिवारी और चंदन राय के साथ मिलकर चोरी की मोटरसाइकिलें बेचने के लिए ग्राहक तलाशना स्वीकार किया। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर नेहरू गार्डन के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

थाना परिसर में गवाहों की उपस्थिति में आरोपियों से पृथक-पृथक पूछताछ कर मेमोरेंडम कथन लिया गया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने रायगढ़, कोरबा, सक्ती जिले के डभरा एवं मालखरौदा क्षेत्र, ओडिशा के बरगढ़ तथा अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से संगठित तरीके से मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों ने चोरी की गई मोटरसाइकिलों को आपस में बांटकर अलग-अलग स्थानों पर छिपा रखा था। आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर अनिल मिश्रा के कब्जे से 10, अमृत बहादुर से 2, बोलो निषाद से 5 तथा चंद्रकुमार तिवारी से 4 मोटरसाइकिलें, कुल 21 चोरी की बाइक बरामद की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹9 लाख है।

वाहन चोरी की शिकायत से शुरू हुई जांच

प्रकरण की शुरुआत प्रार्थी घनाउ खरे, निवासी पेंड्रावन, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ की रिपोर्ट से हुई थी। प्रार्थी ने बताया था कि वह 27 दिसंबर 2025 को अपने कार्य से रायगढ़ आया था और शाम करीब 6 बजे कमला नेहरू पार्क के सामने अपनी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल क्रमांक CG-11-AM-7998 खड़ी कर पार्क के भीतर चला गया। लगभग आधे घंटे बाद लौटने पर उसकी मोटरसाइकिल गायब मिली। रिपोर्ट पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 339/2026 के तहत धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही थी।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी संगठित गिरोह के रूप में लगातार वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। इसलिए प्रकरण में धारा 112(2) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत संगठित अपराध की धाराएं भी जोड़ी गईं। गिरफ्तार आरोपियों में अनिल मिश्रा (38 वर्ष), निवासी मिठ्ठूमूड़ा रायगढ़, बोलो निषाद (38 वर्ष), निवासी बड़े मानिकपुर, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, अमृत बहादुर (37 वर्ष), निवासी रैरूंमा, धरमजयगढ़, चंद्रकुमार तिवारी (37 वर्ष), निवासी राधापुर, जिला सक्ती तथा चंदन राय (24 वर्ष), निवासी आईटीआई कॉलोनी, अंबेडकर आवास, रायगढ़ शामिल हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पूछताछ में आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं, जो वर्तमान में फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी अनिल मिश्रा एवं चंदन राय का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड है। चंदन राय वर्ष 2015 से वाहन चोरी के मामलों में संलिप्त रहा है, जबकि अनिल मिश्रा के विरुद्ध भी पूर्व में बाइक चोरी के कई अपराध दर्ज हैं।

आरोपियों ने पूछताछ में वाहन चोरी का अपना तरीका भी बताया। वे भीड़भाड़ वाले स्थानों की रेकी कर विशेष रूप से कमला नेहरू पार्क जैसे क्षेत्रों को निशाना बनाते थे। इसके अलावा रायगढ़ शहर के कोतवाली क्षेत्र से दो तथा छाल क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल चोरी करना भी स्वीकार किया है। गिरोह मुख्य रूप से हीरो स्प्लेंडर एवं एचएफ डीलक्स जैसी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाता था और लॉक तोड़कर वाहन चोरी कर उन्हें अन्य जिलों एवं राज्यों में बेच देता था।

इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक राकेश मिश्रा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक सिद्धांत येरेवार, सहायक उप निरीक्षक आशिक रात्रे, प्रधान आरक्षक दिलीप भानु, प्रधान आरक्षक बालचंद राव, आरक्षक अभिषेक द्विवेदी, चंद्र कुमार बंजारे, जितेंद्र कुर्रे, विक्रम सिंह, मिनकेतन पटेल एवं संदीप कौशिक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी  शशि मोहन सिंह का संदेश

वाहन चोरी जैसे संगठित अपराधों में शामिल गिरोहों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। चोरी की संपत्ति बरामद कर अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।

Abtak News 24
Author: Abtak News 24

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