पत्थलगांव जितेन्द्र गुप्ता✍️
पत्थलगांव में ‘फर्जी फौती नामांतरण’ का बड़ा खेल? पचायत प्रस्ताव पर उठे थे गंभीर सवाल, शिकायत कर्ता पहुचे अब पूर्व विधायक रामपुकार सिंह के पास
पत्थलगांव क्षेत्र के ग्राम पंचायत कछार में कथित फर्जी फौती नामांतरण का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। शिकायतकर्ता आज पूर्व विधायक रामपुकार सिंह के पास पहुँच कर पत्र देकर बताई अपनी बात की कैसे फर्जी पंचायत प्रस्ताव बनाकर मृतक के जमीन को रजिस्ट्री करते हुए ओने पौने दाम में बेच दिया
ये है मामला
शिकायत कर्ता का आरोप है कि मृतक मीनू चौहान के नाम पर पंचायत का कथित फर्जी प्रस्ताव तैयार कर राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण कराया गया और बाद में उसी आधार पर भूमि की रजिस्ट्री कर जमीन बेंच दी गई
पूर्व में मामले की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) और थाना प्रभारी से करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी
शिकायत में कहा गया था कि ग्राम पंचायत कछार के खसरा नंबर 273/13 ख एवं 303/1/ख/1 से संबंधित भूमि के लिए 5 जून 2026 को पंचात का प्रस्ताव तैयार दिखाया गया। आरोप है कि यह प्रस्ताव वास्तविक ग्रामसभा की कार्यवाही के अनुरूप नहीं है और इसमें सावित्री चौहान के दस्तावेजों का आधार बनाकर फौती नामांतरण की प्रक्रिया पूरी की गई।
पंचायत की बैठक हुई ही नहीं, फिर कैसे बना था प्रस्ताव
शिकायतकर्ता का दावा है कि जिस पंचायत प्रस्ताव के आधार पर नामांतरण किया गया, उस प्रस्ताव पंजी पर सरपंच और संबंधित पंचों के वास्तविक हस्ताक्षर नहीं हैं। आरोप है कि पंचायत की बैठक आयोजित किए बिना ही प्रस्ताव तैयार कर दिया गया, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की आशंका गहरा गई है।
इन लोगों पर लगाए गए है गंभीर आरोप खेमासागर यादव, ग्राम सचिव रामनिवास सूर्यवंशी, पटवारी के.आर. यादव तथा दीपांशु अग्रवाल के नाम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि यदि जांच में फर्जी दस्तावेज, कूटरचित प्रस्ताव अथवा गलत जानकारी के आधार पर नामांतरण किए जाने की पुष्टि होती है तो इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
दस्तावेजों की जांच की मांग शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत की मूल प्रस्ताव पंजी, बैठक कार्यवाही, सरपंच-सचिव के हस्ताक्षर, राजस्व अभिलेख और अन्य संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर इस कथित फ़र्जी नामांतरण प्रकरण ने पंचायत और राजस्व व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो यह मामला केवल फर्जी प्रस्ताव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जालसाजी, कूटरचना और सरकारी अभिलेखों में हेरफेर जैसे गंभीर अपराधों का रूप ले सकता है।
पूर्व विधायक रामपुकार सिंह ने कहा कि कछार के जमीन सबंधित फर्जी पंचायत प्रस्ताव बनाकर फौती नामान्तरण कर जमीन रजिस्ट्री करने का पत्र प्राप्त हुआ है। जिसमे प्रशासन को अविलंब जांच शुरू करना चाहिए जिससे जल्द ही शिकायत कर्ता को न्याय मिल संके।


























