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बनगांव में हुआ कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ,जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर दिया जोर, तीन दशकों से कायम है प्रतियोगिता की परंपरा…

कोतबा ✍️जितेन्द्र गुप्ता 

बनगांव में हुआ कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ,जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर दिया जोर, तीन दशकों से कायम है प्रतियोगिता की परंपरा

कोतबा/जशपुर। कोतबा क्षेत्र के बनगांव में तीन दशकों से निरंतर आयोजित हो रही पारंपरिक कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला पंचायत जशपुर के अध्यक्ष श्री सालिक साय के मुख्य आतिथ्य में हुआ। पिछले 30 वर्षों से चली आ रही यह खेल परंपरा ग्रामीण अंचल में खेलों के प्रति उत्साह, युवाओं की सक्रिय भागीदारी और स्थानीय खेल संस्कृति की मजबूती का प्रतीक है। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि सालिक साय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

*ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं : सालिक साय*

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो उन्हें उचित अवसर, प्रोत्साहन और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास के साथ खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, शारीरिक क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

30 वर्षों से कायम है खेल परंपरा
बनगांव में 30 वर्षों से जारी कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ, मुख्य अतिथि सालिक साय ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

जिला पंचायत अध्यक्ष ने ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर दिया जोर, तीन दशकों से कायम है प्रतियोगिता की परंपरा

कोतबा/जशपुर। कोतबा क्षेत्र के बनगांव में तीन दशकों से निरंतर आयोजित हो रही पारंपरिक कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला पंचायत जशपुर के अध्यक्ष श्री सालिक साय के मुख्य आतिथ्य में हुआ। पिछले 30 वर्षों से चली आ रही यह खेल परंपरा ग्रामीण अंचल में खेलों के प्रति उत्साह, युवाओं की सक्रिय भागीदारी और स्थानीय खेल संस्कृति की मजबूती का प्रतीक है। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि सालिक साय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं : सालिक साय

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो उन्हें उचित अवसर, प्रोत्साहन और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास के साथ खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, शारीरिक क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

*30 वर्षों से कायम है खेल परंपरा*

जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने प्रतियोगिता के आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि लगातार 30 वर्षों तक किसी खेल आयोजन की परंपरा को बनाए रखना सराहनीय है। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि गांव में आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और खेल भावना को भी मजबूत करता है।

*जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की रही सहभागिता*

प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुरुचि पैंकरा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष आनंद शर्मा,भूषण वैष्णव भाजयुमो जिला कार्य समिति सदस्य,सरपंच देवसिंह पैंकरा, मंडल अध्यक्ष जागेश्वर यादव, भदर साय, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्रीमती कुंती पैंकरा, महामंत्री हेमंती वैष्णव, भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष अजय गुप्ता, भाजयुमो मंडल महामंत्री रवि यादव, पिछड़ा वर्ग जिला मंत्री श्याम साहू तथा समिति अध्यक्ष रामविलास नायक सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।इसके अलावा टिकेश्वर, सुनील, हरिश्चंद्र, रोशन, चैतन्य, विपिन, गुलाब, लखन, अनिल, निर्मल, भुजबल एवं प्रभुदास सहित ग्राम पंचायत के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन कार्यक्रम में शामिल हुए। बनगांव की यह तीन दशक पुरानी कबड्डी प्रतियोगिता ग्रामीण खेल संस्कृति की जीवंत मिसाल है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को पारंपरिक खेलों से जोड़ने के साथ युवाओं में खेल भावना, आपसी सहयोग और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देते हैं।
सालिक साय ने प्रतियोगिता के आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि लगातार 30 वर्षों तक किसी खेल आयोजन की परंपरा को बनाए रखना सराहनीय है। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि गांव में आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और खेल भावना को भी मजबूत करता है।

जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की रही सहभागिता

प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुरुचि पैंकरा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष आनंद शर्मा, सरपंच देवसिंह पैंकरा, मंडल अध्यक्ष जागेश्वर यादव, भदर साय, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्रीमती कुंती पैंकरा, महामंत्री हेमंती वैष्णव, भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष अजय गुप्ता, भाजयुमो मंडल महामंत्री रवि यादव, पिछड़ा वर्ग जिला मंत्री श्याम साहू तथा समिति अध्यक्ष रामविलास नायक सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

इसके अलावा टिकेश्वर, सुनील, हरिश्चंद्र, रोशन, चैतन्य, विपिन, गुलाब, लखन, अनिल, निर्मल, भुजबल एवं प्रभुदास सहित ग्राम पंचायत के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन कार्यक्रम में शामिल हुए।बनगांव की यह तीन दशक पुरानी कबड्डी प्रतियोगिता ग्रामीण खेल संस्कृति की जीवंत मिसाल है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को पारंपरिक खेलों से जोड़ने के साथ युवाओं में खेल भावना, आपसी सहयोग और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देते हैं।

Abtak News 24
Author: Abtak News 24

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